अम्बेडकरनगर के बसखारी थाना क्षेत्र में नीलगाय की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए 38 वर्षीय युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
सिंघपुर चौराहे की ओर जा रहे थे मनीराम
अम्बेडकरनगर के बसखारी थाना क्षेत्र के मकोइया गांव निवासी मनीराम पुत्र राम सूरत (38) बीती 8 सितंबर को मोटरसाइकिल से सिंघपुर चौराहे की ओर जा रहे थे।
बताया जा रहा है कि वह कटोखर-बसखारी मुख्य मार्ग पर चौराहे के पास पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक नीलगाय सड़क पर आ गई।
नीलगाय की चपेट में आने से सड़क पर गिरे
अचानक नीलगाय सामने आने के कारण मनीराम की मोटरसाइकिल उससे टकरा गई। टक्कर के बाद वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और काफी रक्तस्राव हुआ।
बसखारी के निजी अस्पताल से किया गया रेफर
हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से मनीराम को आनन-फानन में बसखारी के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
इसके बाद परिजनों ने उन्हें सुल्तानपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा था।
तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे
हादसे के बाद मनीराम की हालत गंभीर बनी हुई थी। परिजन उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए हुए थे। परिवार लगातार उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहा था।
लेकिन शनिवार को इलाज के दौरान मनीराम की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
तीन बेटियों को छोड़ गए मनीराम
मनीराम अपने पीछे तीन बेटियों को छोड़ गए हैं। परिवार के लिए वह एक महत्वपूर्ण सहारा थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जिस पिता के सहारे बेटियों के भविष्य की उम्मीदें जुड़ी थीं, उनके अचानक चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सड़क पर आवारा पशु भी बन रहे हादसों की वजह
सड़क पर अचानक जंगली या आवारा पशुओं के आने से वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो जाता है। ऐसे मार्गों पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना और हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।
